सम्पादकीय
16-02-2026 Posted by: सम्पादक (पिघलता हिमालय)
दिखलावट के दौर में पकड़ भी एकदम हो जाती है
बनावट-दिखलावट का ऐसा दौर भी आएगा, किसी ने सोचा नहीं था। एक दूसरे को रिझाने के लिये नृत्य-रंग, हास-विलास तो होते थे लेकिन खड़े-खड़े बेवकूपफ बनाने जैसा खूब होने लगा है। अपने किये-धरे को दिखाने के लिये जिस प्रकार से प्रचारित करने का फैशन चल पड़ा है उससे साफ है कि हमारे अवचेतन और चेतन में यह समझ है कि सबकुछ दिखलावट हो रही है। फिर भी बनावट करने वालों को सफल माना जा रहा है। सरकारें अपने प्रचार के लिये पूरी ताकत लगाती हैं और जी-हजूरी के सहारे आगे बढ़ने वाले इसमें गले तक डूबे रहते हैं। सरकार चाहे कोई भी हो वह अपनी प्राथमिकताओं और उद्देश्यों को आगे बढ़ाएगी। विभागीय कार्य भी अपने कार्यों को प्रसारित करेंगे। यह दिखावट नहीं बल्कि हकीकत है। लेकिन जिस प्रकार से शिष्टाचार भेंट के बहाने फोटो परोसने का दौर चल रहा है वह अति ही है। मान लिया गया है कि कुर्सी में बैठा नेता या अधिकारी तभी खुश होगा जब उसके पा ...
आगे पढेंलला जसुली की धर्मशाला बनेगी पर्यटन का केन्द्र
16-02-2026 Posted by: सम्पादक (पिघलता हिमालय)
नैनीताल। दानवीरांगना लला जसुली बूढ़ी शौक्याणी की भवाली-अल्मोड़ा हाईवे पर बनी धर्मशाला जीर्णोद्धार के बाद नए रूप में पर्यटकां के भ्रमण के लिये तैयारी में है। जिसके लिये इसे निजी हाथों में कमान दी जानी है। निजी हाथों में कमान सौंपने के पीछे मकसद इसकी सुरक्षा और आर्थिक विस्तार का है। लला जसुली की धर्मशाला पर इन तैयारियों के साथ पर्यटन का केन्द्र विकसित होगा और खानापानी सुयालबाड़ी के दिन संवरेंगे। नेशनल हाईवे पर स्थित र्ध्मशाला में रेस्टोरेंट और कैफे का संचालन निजी हाथों में देने की तैयारी है। असल में नैनीताल के जिलाधिकारी रहे धीराज गर्ब्याल के समय लला जसुली की इस धरोहर का जीर्णोद्धार किया गया और 196.37 लाख रुपये की लागत के इस कार्य में रेस्टोरेंट व कैफे भी बनया गया है। बताया जा रहा है कि सौन्दर्यीकरण के बाद निखार में अ ...
आगे पढेंउत्तराखण्ड में पर्वतारोहण को नई उड़ान
16-02-2026 Posted by: सम्पादक (पिघलता हिमालय)
उत्तराखण्ड ने साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पर्वतारोहण को नई उँचाईयों पर पहुँचाने की दिशा में बड़ा फैसला किया है। सीएम पुष्कर धामी के निर्देश पर उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद ने वन विभाग के समन्वय से गढ़वाल और कुमाउँफ हिमलाय क्षेत्र की 83 प्रमुख पर्वत चोटियों को पर्वतारोहण अभियानों के लिए पूरी तरह खोल दिया है। यह निर्णय उत्तराखण्ड को वैश्विक पर्वतारोहण मानचित्र पर एक सशक्त और आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करेगा। खोली गई चोटियों की उँचाई 5700 मीटर से 7756 मीटर तक है, जिनमें कामेट 7756 मीटर, नन्दा देवी ईष्ट, चौखम्बा समूह, त्रिशूल समूह, शिवलिंग, सतोपंथ, चंगाबांग, पंचचूली और नीलकंठ जैसी विश्व प्रसिद्ध और चुनौतिपूर्ण चोटियां शामिल हैं। ये शिखर न केवल तकनीकी कठिनाई और प्राकृतिक सौन्दर्य के लिए ...
आगे पढेंe-Paper पढें
नवीनतम समाचार
‘उत्तराखण्ड ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026’ को स्वीकृति [09/02/2026]
13 साल में निदेशक के पद पर 17 अधिकारियों की अदला बदली [09/02/2026]
सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे अतिक्रमण को ध्वस्त किया [02/02/2026]
बायोमेट्रिक उपस्थिति से ज्यादा जरूरी है भागने वालों की पकड़ हो [02/02/2026]
गणतंत्र दिवस के अवसर पर गण की बात की जाए तो ज्यादा उपयोगी होगी [26/01/2026]
उर्मिला, आरती गौड़ और सुरेश राठौर के झगड़े में अंकिता प्रकरण सुर्खियों में है [26/01/2026]
रंग-बिरंगे नेताओं का सच उघाड़ने के लिय जनता सड़कों पर [19/01/2026]
अपराधी स्वयं में एक पार्टी होता है इसलिए हमेशा सच का साथ दें [19/01/2026]
उत्तरायणी 2026 में घुघुतों के साथ 2027 की माला तैयार हो रही [12/01/2026]
