ओच्छेपन की राजनीति
राजनीति अपने लाभ के लिये होती है, सब जानते हैं लेकिन राजनीति की आड़ में हल्कापन हो जाना तो पूरे समाज में गन्द फैलाने जैसा होता है। ऐसा ही कुछ वर्तमान की राजनीति में दिखाई दे रहा है।...

राजनीति अपने लाभ के लिये होती है, सब जानते हैं लेकिन राजनीति की आड़ में हल्कापन हो जाना तो पूरे समाज में गन्द फैलाने जैसा होता है। ऐसा ही कुछ वर्तमान की राजनीति में दिखाई दे रहा है। अपनी मजबूती के लिये सारे हथकण्डे अपपाने वाले नेतागण और छुटभैये इतनी घपलत करने लगे हैं कि उनके किसी कदम पर सन्देह होने लगा है। इनकी चालों में आम जनता को उलझाया जा रहा है। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेेस की ...
राजनीति अपने लाभ के लिये होती है, सब जानते हैं लेकिन राजनीति की आड़ में हल्कापन हो जाना तो पूरे समाज में गन्द फैलाने जैसा होता है। ऐसा ही कुछ वर्तमान की राजनीति में दिखाई दे रहा है।...
अल्मोड़ा। ‘सरगोशयों का स्वर’ प्रो.सुशील जोशी का प्रथम काव्य संग्रह है, जो जिया हुआ सच ही है। लेखक ने जिस कोमलता के साथ शब्दों को इसमें पिरोया है, उतना की गुस्सा समाज में फैलती विद्र...
आगामी विधनसभा चुनाव के लिये घमासान होने लगी है और पार्टियां अपनी फिल्डिंग सजा रही हैं, इसके तहत तेज तर्रार कार्यकर्ताओं को संगठन में जिम्मेदारी देने से लेकर भविष्य के लिये आश्वासन ...
उत्तराखण्ड में गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। ऐसा अभियान भी क्या है कि जिसमें सांसद, विधायक, नेता, अभिनेता, अधिकारी, कर्मचारी तक को नोटिस थमा दिया ...