पिघलता हिमालय प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पुस्तकें और साहित्य
🏛️ पिघलता हिमालय | 2012
यह इतिहास नहीं है उत्तराखंड राज्य आन्दोलन का। यह एक ऐसा सच है जैसा किसी जमाने में संजय ने अंधे धृतरा...
🏛️ पिघलता हिमालय | 2011
एक कुमाउनी मुहावरा है- सोच गुम पड़ जाना। ‘घोंसला’ की कहानियां प-सजय़ते हुए जाने क्यों यह शब्द मन में...
🏛️ पिघलता हिमालय प्रकाशन | 2010
उपेक्षा अभाव सनातन संघर्ष! पर्वतीय जन-जीवन के ये छोटे-छोटे स्याह-सफेद चित्र कहीं बहुत कुछ सोचने के ल...
पिघलता हिमालय ने 1978 से अनेक महत्वपूर्ण पुस्तकों और साहित्यिक रचनाओं का प्रकाशन किया है। उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के उद्देश्य से प्रकाशित इन पुस्तकों में लोकगीत, कविता, इतिहास और सामाजिक विषयों को समेटा गया है।
📞 प्रकाशन के लिए सम्पर्क करेंहिमालय की साहित्यिक धरोहर का संरक्षण