सम्पादकीय

सवाल उठना स्वाभाविक है

📅 22 October 2026 ✍️ पिघलता हिमालय
अंकिता भण्डारी प्रकरण से जुड़े आरोपों और न्याय की मांग के बीच दुष्यन्त कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने से उत्तराखण्ड में राजनीतिक सवाल खड़े किए हैं। यह सवाल विपक्ष ही नहीं पक्ष से जुड़े लोगों को भी सोचने पर मजबूर कर रहा है कि उत्तराखण्ड की अस्मिता, स्वाभिमान और जनभावनाओं का सम्मान कहाँ है? अंकिता भण्डारी को न्याय दिलाने की मांग आज भी उत्तराखण्ड की जनता के लिए एक सम्वेदनशील मुद्दा है। ऐसे में किसी भी नियुक्ति पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
भाजपा नेता दुष्यन्त को सिक्किम का राज्पाल नियुक्त करने के विरोध में अंकिता के माता-पिता श्रीमती सोनी देवी व वीरेन्द्र सिंह इण्डिया गेट पर धरने पर बैठे। उन्होंने बेटी की हत्या मामले में वीआईपी का नाम सार्वजनिक करने और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है। साथ ही राष्ट्रपति से आग्रह किया कि जब तक सीबीआई जाँच पूरी नहीं हो जाती तब तक दुष्यन्त गौतम को राज्यपाल के पद नियुक्त न किया जाए। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी व राष्ट्रीय महासचिव प्रियंक
साझा करें: Facebook Twitter WhatsApp

📰 संबंधित समाचार

सम्पादकीय

दिनेश आर्य को राज्यसभा टिकट आम जनता का भरोसा है

उत्तराखण्ड में खाली हो चुके राज्यसभा सीट से भाजपा के दिनेश आर्य को टिकट मिलना आम जनता का भरोसा है। भाजपा पार्लियामेंट्री बोर्ड की ओर से राज्यसभा प्रत्...

📅 16 Oct 2026 पढ़ें →
सम्पादकीय

गुण्डागर्दी और भ्रष्टाचार

उत्तराखण्ड में छात्र संघ चुनाव में इस बार सारे पुराने रिकार्ड तोड़ते हुए गुण्डागर्दी का अध्याय जुड़ चुका है। ऐसे में उच्चशिक्षा से जुड़े विद्वतजनों ने एक...

📅 07 Oct 2026 पढ़ें →
सम्पादकीय

जनप्रतिनिधि होने का मतलब

जनता की आवाज को उठाने वाले, जनता के दुःख दर्द को समझने वाले, समाज को न्याय दिलाने वाले, अपनी सामर्थ अनुसार समाज में दानपुण्य करने वाले को जनप्रतिनिधि ...

📅 01 Oct 2026 पढ़ें →
सम्पादकीय

छात्र संघ चुनाव का तमाशा

उत्तराखण्ड में छात्र संघ का भूत पूरी तरह सवार है। ऐसे समय में जबकि प्रत्येक युवा जान चुका है कि राजनीति किस करवट होती है और किस प्रकार का छल-छद्म इस र...

📅 24 Sep 2026 पढ़ें →