पाटी विकासखण्ड में पर्यटन की अपार संभावनाएं

सूरज लडवाल
चम्पावत – जिला अंतर्गत पाटी विकासखण्ड में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं । लेकिन सरकार द्वारा अब तक विकासखण्ड के कई पर्यटन संभावित क्षेत्रों में कोई भी सकारात्मक पहल नहीं की गई है । जिससे खुद की अलग पहचान बनाने की संभावनाओं वाला ये क्षेत्र लगातार पिछड़ता जा रहा है । गातव्य हो कि ब्लॉक मुख्यालय से 15 किलोमीटर की दूरी पर कूँण गाँव में बाँज के जंगलों से घिरी पहाड़ी में स्थित जैचम निर्मांसी का मन्दिर स्वयं में एक पर्यटक स्थल है । जिसे मन्दिर में बीते दशकों से रह रहे महात्मा ने एक रमणीक स्थल बनाने में मुख्य व अहम योगदान दिया है । बताते चलें कि चोटी पर स्थित इस मन्दिर से आस – पास का समूचा क्षेत्र दिखाई देता है । शाम के वक्त मन्दिर से आसपास की पहाड़ियों का दिखाई देने वाला अनूठा नजारा मन को शान्ति प्रदान करने वाला तो होता ही है इसके अलावा मंद हवाओं के बीच प्रकृति की गोद में बैठकर इन नजारों को देखना सांसारिक थकान को भी दूर करता है । और आसपास के इलाके से इस पहाड़ी का अनूठा दृश्य देखने को मिलता है । यह क्षेत्र सुबह हल्के कोहरे से ढका रहता है , तो दोपहर में साफ मौसम के साथ पहाड़ी के ऊपर बादल मंडराते नजर आते हैं । और सूर्य ढलने के बाद शाम के वक्त अगर कोई इस दृश्य को देखता है तो फोटोग्राफी करने से खुद को नहीं रोक पाता है । शाम के वक्त आसमान में हल्की लालिमा लिए बादलों का जमावड़ा पहाड़ी को और भी खूबसूरत बना देता है । और ये लालिमा सूर्य ढलने के काफी देर रात होने तक दिखाई देती है । इसके साथ – साथ पास में ही कणकश्वेर त्रिवेणी के समीप रौलमेल में देवदार वनी के बीच स्थित शिव मन्दिर पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है । लेकिन सरकार की उदासीनता के चलते इन ऐतिहासिक , पौराणिक व सुरम्य स्थानों पर विकासकार्य ठप नजर आ रहे हैं । इन पर्यटन संभावित स्थानों में विकास के नाम पर जनप्रतिनिधि सिर्फ चुनावों में नजर आते हैं । जानकारों के मुताबिक अगर सरकार इन स्थानों पर पर्यटन को विकसित करने के लिए कदम उठाती है तो ये स्थान बहुत जल्दी बेहतरीन पर्यटन स्थलों की सूची में शुमार हो जायेंगे ।
( सूर्य ढलने के बाद दिखाई देने वाला जैचम पहाड़ी का मनोरम दृश्य – छाया व विवरण सूरज लडवाल )

युवाओं को खेती के प्रति आकर्षित कर रहे हैं उद्द्यान अधिकारी

युवाओं को खेती के प्रति आकर्षित कर रहे हैं उद्द्यान अधिकारी

सूरज लडवाल
चम्पावत – जिला अन्तर्गत पाटी ब्लॉक के देवीधुरा उद्द्यान विभाग में कार्यरत उद्द्यान अधिकारी प्रदीप पचौली क्षेत्र के युवाओं को खेती के प्रति आकर्षित कर रहे हैं । जहाँ एक ओर क्षेत्रीय लोग जंगली जानवरों से परेशान होकर कृषि से मुँह मोड़ते नजर आ रहे हैं तो दूसरी ओर प्रदीप पचौली आलू , अरबी , पिनालू , बैंगन , शिमला , टमाटर , फूलों की खेती व बागवानी कर रहे हैं । और सोसल मीडिया के माध्यम से जानकारी व फ़ोटो शेयर कर लोगों को खेती और बागवानी करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं । तमाम लोग पचौली की खेती के प्रति लगन की सराहना कर रहे हैं । औऱ क्षेत्र के तमाम लोग उनके मार्गदर्शन में खेती औऱ बागवानी भी करने लगे हैं । उद्द्यान अधिकारी से जानकारियां और मार्गदर्शन लेते हुए अनेक क्षेत्रीय लोगों ने कृषि औऱ बागवानी को अपनी आमदनी का जरिया बना लिया है । बताते चलें कि प्रदीप पचौली की जानकारियां साझा करने की इस आदत के चलते क्षेत्रीय लोग उनके ऑफिस जाकर उनसे जानकारी प्राप्त करने लगे हैं । कई बार तो उन्हें ऑफिस जाते समय किसानों को जानकारी देते हुए भी देखा गया है । बीच रास्ते में गाड़ी से उतरकर किसानों को जानकारी देने की यह आदत उनकी कार्यप्रणाली में चार चाँद लगाती है । बातचीत के दौरान प्रदीप पचौली ने कहा अगर हम खेती करेंगे तो खेती को जंगली जानवर खाएँगे ही । इसका मतलब ये नहीं कि गिरने के डर से चलना ही छोड़ दिया जाय । हाँ बस हमें अगली बार थोड़ा संभलकर चलने की आदत डालनी होगी । हाल ही में उनके द्वारा सोसल मीडिया में अरबी की खेती की फ़ोटो के साथ शेयर की गई पंक्तियाँ खूब सराही जा रही हैं । जिसमें उन्होंने खेती करने के साथ – साथ उसकी रखवाली पर भी जोर दिया गया है ।

घरै की लौकी घरै क आलू
घरै क आद ( अदरक ) और घर क पिनालू
के बानर खाल , के सुगर पचाल,
जी बचलो उ हमार काम आलो l
क़े न हुन क़े न हुन कै बैर
इन गड़ (खेत ) भीड़ि बठे ,
तरीके ले करला त बहुत कुछ है जालो
थोड़ तुम पौर (रखवाली ) करा
थोड़ भगवान सहयोग कराल l

इन पंक्तियों के माध्यम से उन्होंने खेती की रखवाली और खेती से जुड़े रहने की बात कही है । जो आधुनिक पीढ़ी के लिए काफी प्रेरणादायी है । प्रवासी लोगों को उनने खेती और बागवानी के प्रति जागरूक करते हुए लाभप्रद योजनाओं व जानकारियों के लिए संपर्क करने की बात भी कही ।