चुनाव 2019 : घूंसा सा जड़ रहे हैं

कार्यालय प्रतिनिधि

लोकसभा चुनाव के लिये पूरे देश में पार्टियों का प्रचार अभियान चल रहा है। प्रचार के इस अभियान में नम्बर पूरे पाने के लिये पार्टियों की कसरत हो रही है। ऐसे में उत्तराखण्ड की पांच लोकसभा सीटों को भी अपने पक्ष में करने के लिये पार्टियों का ध्यान है। मुख्य रूप से कांग्रेस और भाजपा ज्यादा हाथ-पांव मार रहे हैं। इसके लिये स्टार प्रचारकों की झड़ी लगा दी गई है। वैसे तो नामांकन से पहले से ही बड़े कद वाले नेताओं का आना शुरु हो चुका था। अब सत्ता संग्राम में कौन कमी करेगा?
एक-दूसरे पर घूंसा सा जड़ रहे नेतागण तर्क-कुतर्क भी कर रहे हैं। अपने बयानों में वह इतनी हड़बड़ाहट में हैं कि उन्हें कुछ सूझ नहीं रहा है सिवा अपने काम के। इसके लिये मोदी, राहुल, रापफेल, आतंकवाद, बेरोजगारी, चैकीदार, जुमलेबाजी, भ्रष्टाचार जैसे शब्दों को लेकर लाग-लपेट कर रहे हैं। देश के बड़े मुद्दों के अलावा पर्वतीय प्रदेश उत्तराखण्ड की बातों का उल्लेख करते हुए ‘ईजा-बाबू’ ‘दिदी-भुली’ का प्यारा सम्बोध्न सम्मोहन के लिये किया जा रहा है। वीर सैनिकों की भूमि होने के कारण पफौजी परिवारों को भी अपने पाले में करने का यत्न किया जा रहा है। किसानों, गरीबों को हर बार की तरह इस बार भी ललचाया जा रहा है। युवाओं को अपने पीछे चलाने के लिये चमक- दमक भी दिखाई जा रही है। इसके अलावा दो जून की रोटी में भटक से बहुत सारे लोग चुनाव को त्यौहार मानते हुए सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। नेताओं से लेकर पब्लिक तक हर कोई अपने-अपनी मुट्ठी बांधकर चल रहा है जिसके खुलते ही सारा खेल पता चल जायेगा। घूंसा सा जड़ रहे हैं- स्टार प्रचारक। इन्हें बताने और समझाने वाले नेता भी अपने विरोधी की काट के लिये गड़े मुर्दे उखाड़ रहे हैं। चुनाव आयोग के सख्त निर्देशों के बाद यह भय जरूर है कि सोशल मीडिया में अनर्गल बयानबाजी न की जाए परन्तु अपनी भड़ास निकालने के लिये हर चाल नेताओें, छुटभैयों, पार्टियों द्वारा चली जा रही है। अपने सामने वाले को निशाना बनाने के लिये उनकी नई-पुरानी उघाड़ी जा रही है।
स्टार प्रचारकों में नरेन्द्र मोदी, राहुल गांधी, अमित शाह, प्रियंका, सोनिया, राजनाथ, योगी आदित्यनाथ समेत तमाम चेहरे सम्बोधन कर चुके हैं। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्रियों और वर्तमान मुख्य मंत्री के साथ मंत्री, अभिनेता, संगठन के बड़े नेता और स्थानीय स्तर पर पकड़ रखने वालों का सम्बोधन सुनने को मिल रहा है। पूर्व मुख्य मंत्री हरीश रावत कहते हैं- यूपीए की सरकार केन्द्र में आने पर मोदी राज में चल रहे टैक्स टेरर से व्यापारी वर्ग को निजात मिलेगी। भाजपा का राष्ट्रवाद देश के करीब 12 हजार धनिकों का है जबकि कांग्रेस का राष्ट्रवाद सवा सौ करोड़ लोगों का है। श्री रावत ने कहा कि पांच साल तक जुमलेबाजी करने वाली भाजपा सरकार की उल्टी गिनती शुरु हो चुकी है। पूर्व विधनसभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल कहते हैं कि भाजपा से आम जनता खिन्न है, जिसका परिणाम देखने को मिलेगा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह का कहना है कि लोग कांग्रेस की तरफ उम्मीद भरी नज़रों से देख रहे हैं। उनका आरोप है कि भाजपा पूरे सरकारी सिस्टम का प्रचार में दुरुपयोग कर रही है। ऐसे में देश के चैकीदार की विदाई तय है। उन्होंने कहा कि भाजपा के सत्ता में रहते हुए लोकतंत्रा को खतरा है।
केन्द्रीय मंत्री और भाजपा के लोकसभा चुनाव प्रभारी थावरचंद गहलोत अपने सम्बोधन में कहते हैं यदि देश को विश्व गुरु बनाना है तो मोदी को दुबारा प्रधन मंत्री बनाना है। वह कहते हैं कांग्रेस ने 55 साल तक देश को लूटने का काम किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत कहते हैं कि मोदी सरकार की राष्ट्रहित की नीतियों से भाजपा एक बार फिर केन्द्र में काबिज होगी और नरेन्द्र मोदी दोबारा देश के प्रधनमंत्री बनेंगे। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू सांसद बीसी खण्डूरी के सवाल पर कहते हैं कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं था और सरकार ने जो निर्णय लिया, उसके बारे में उन्हें पूरी जानकारी है। खण्डूरी को रक्षा समिति का सदस्य हमारी सरकार ने ही बनाया था। कांग्रेस इसे मुद्दा बना रही है। भाजपा के अजय भट्ट कहते हैं कि पीएम मोदी की बात पर जनता वोट देने जा रही है। भट्ट ने कहते हैं कि भाजपा की डबल इंजन की सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों को कांग्रेस पचा नहीं पा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री भगतसिंह कोश्यारी का कहना है कि देश का चैकीदार जाग रहा है।
कांग्रेस के प्रदेश महामंत्राी एवं पूर्व दर्जा राज्यमंत्राी डाॅ.गणेश उपाध्याय ने कहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा प्रधन मंत्री फसल बीमा के नाम पर बहुत बड़ा घोटाला किया जा रहा है। वह इसे राफेल से बड़ा घोटाला बता रहे हैं। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा है कि हम सोनिया, राहुल और प्रियंका गांध्ी के सिपाही हैं। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश की पांचों सीटें जीतेंगे, तभी कांग्रेस मजबूत होगी। टिहरी से उक्रांद के प्रत्याशी जयप्रकाश ने कहा कि राष्ट्रीय दलों को क्षेत्राीय जनता से कोई लेना-देना नही है। ऐसे में जनता को जमीन से जुड़े प्रत्याशियों को और सभी सच्चाईयों को समझ लेना चाहिये।
उत्तराखण्ड की पाँचों लोकसभा सीटों पर मुकाबला रोचक है। नैनीताल-उधम सिंह नगर सीट पर पूर्व मुख्यमंत्राी हरीश रावत और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के मैदान में उतरने से सबका ध्यान इस ओर है। इस सीट पर हरीश रावत ने पहले ही जाल बिछा दिया था और वह लोगों के बीच सक्रिय थे इसलिये उनका पलड़ा भारी दिखाई देता है। भाजपा की टीम मजबूत होने के कारण अजय भट्ट का बल बना हुआ है। सीट पर सात दावेदार हैं हरीश रावत कांग्रेस, अजय भट्ट भाजपा, नवनीत प्रकाश अग्रवाल बसपा, डाॅ.कैलाश पाण्डे भाकपा;माले, प्रेम प्रकाश आर्य, ज्योति प्रकाश टम्टा, सुकुमार विश्वास। यूकेडी से विजयपाल चैध्री प्रत्याशी बनाये गये थे लेकिन वह नांमाकन समय तक सम्बोधित दस्तावेज न ला सके जिस कारण उनका नामांकन नहीं हुआ। नैनीताल सीट पर पर्वतीय मूल का बहुसंख्यक मतदाता होने के कारण रावत और भट्ट अपने अपने तरीके से उन्हें साधने लगे हैं। इसके अलावा उध्मसिंह नगर जिले को मिलाकर हर वर्ग के मतदाताओं को रिझाना इनके लिये आसान नहीं है।
अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ सीट पर भाजपा कांग्रेस के पुराने चेहरों पर ही मुकाबला है। भाजपा के अजय टम्टा और कांग्रेस के प्रदीप टम्टा बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। सीट पर उपपा की एडवोकेट विमला, बसपा से सुन्दर धैनी, उक्रांद के के.एल.आर्या, द्रोपदी वर्मा, सज्जन लाल याने कुल प्रत्याशियों ने नामांकन करवाया है। कांटे की टक्कर अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ सीट पर है क्योंकि बागेश्वर-चम्पावत जिले भी इसमें हैं और दोनों टम्टा अजय-प्रदीप से कहीं कोई तो कहीं कोई ग्राम नाराज चल रहे हैं।
पौड़ी लोकसभा सीट की घमासान भी देखने लायक है। कांग्रेस प्रत्याशी मनीष खण्डूरी और भाजपा के तीरथ सिंह रावत समेत 9 प्रत्याशियों ने यहाँ हैं। कांग्रेसियों ने भाजपा पर जनरल खण्डूरी का अपमान का आरोप लगाते हुए मनीष के समर्थन में वोट मांगे हैं। ऐसे में भाजपा के पास तीरथ सिंह रावत मजबूत प्रत्याशी के रूप में हैं। यूकेडी से शान्ति प्रसाद भट्ट, दिलेन्द्रपाल सिंह, मुकेश सेमवाल, रामेन्द्र भण्डारी, विनोद प्रसाद नौटियाल, भागवत प्रसाद, आनन्दमणि जोशी इस सीट पर जोर आजमा रहे हैं। बीसी खण्डूरी जिस प्रकार से भाजपा में गुमसुम हो चुके थे उसका पूरा मौका कांग्रेस ने उनके सुपुत्र मनीष को टिकट देकर उठाया है। बांकी तो परिणाम ही बतायेंगे कि जनता के मन में क्या थी।
टिहरी लोकसभा सीट पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह समेत 12 प्रत्याशी हैं। भाजपा की सांसद माला राज्यलक्ष्मी के साथ उनका मुकाबला होना है। प्रीतम सिंह कहते हैं कि टिहरी लोकसभा में पिछले पाँच वर्षों के दौरान विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं।
इसी प्रकार हरिद्वार सीट पर सांसद, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक सहित 17 मैदान में उतरे हैं। मुख्य मुकाबला निशंक और कांग्रेस के अंबरीश कुमार के बीच है। यहाँ उक्रांद के सुरेन्द्र कुमार उपाध्याय के साथ ही भानपाल सिंह, फुरकान अली, शिव कुमार कश्यप, ललित कुमार, कृष्णध्र पाण्डे भी मैदान में हैं। इस सीट पर रमेश पोखरियाल पहले से ही बेहद सक्रिय हैं और कांग्रेस टिकट फाइनल करने में काफी विलम्ब में रही। फिर भी मुकाबला रोचक होने जा रहा है।
नेतागर्दी के बयान और बनाई गई पार्टी रणनीति का परिणाम आने वाला समय बतायेगा

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