पर्यावरण और पेड़ पौधे- मजनू

जैसा नाम वैसा काम
–प्रयाग
वनस्पतियों का नाम हमारे भारतीयों विद्वानों वैज्ञानिकों सहित अन्य विश्व कर प्रसिद्ध वनस्पतिक बैज्ञानिको ने पेड़ पौधों की जीवन शैली रूप रेखा जीवन चक्र के अनुसार रखे हैं। इनके सुंदर भाग वृक्ष जड़, छाल, लतायें, कोपले, फल ,फूल, तना, अन्य अनगिनत शाखाएं होती है जो हमे हवा पानी देती है जीवन देती हैं। इन्ही में एक पेड़ है मजनू जिसको संसार मे अलग अलग नामो से जाना जाता है ।
मुंस्यारी क्षेत्र में इस वनस्पति को मंछयन के नाम से जानते हैं जिसका तातपर्य /मतलब भी हिंदी के प्रचलित शब्द मजनू का क्षेत्रीय नाम है इसकी साथी पेड़ को लैला नाम से जाना जाता मजनू पेड़ का वानस्पतिक नाम salix bebylomica है । यह वनस्पति वर्तमान में भूजल की कमी को पूरा करने में सक्षम है । अधिकतर जलश्रोतों में इसकी लटकी हुये लताये शाखाएं देखे जाते हैं ।
जलश्रोतों को पुनर्जीवित करना हो तो अन्य जल उतपन्न करने वाले वनस्पतियों के साथ मजनू के पौधों का भी लगाये सकारात्मक परिणाम आयेंगे मजनू के फूल और कोपले भी काफी असाध्य रोगों के उपचार में दवाओं अन्य औषधीय हर्बल उत्पादों के साथ मिश्रण कर उपचार में प्रयोग होता है मजनूं के फूल बीज मधुमखियों, पक्षियों के पसंदीदा भोजनो मे से एक है अधकितर पशु पक्षियों द्वारा ही हमारे विलुप्त हो रहे वनस्पतियों का संरक्षण किया जा रहा है
हम इंसान स्वार्थी है में खुद भी
लेकिन में अब प्रयास कर रहा हूं की जितना भौतिक लाभ मुझे मिले इन वनस्पतियों से मिलता है उसमें का 80% भाग तन मन धन इनके बचाव और सुरक्षा में खर्च करूंगा मेरे ओर टीम का प्रयास सम्पूर्ण वर्ष में वृक्षारोपण के साथ इनकी सुरक्षा देखभाल उपयोग ,स्वरोजगार, आत्मनिर्भर, ओर दोहन न करने पर भी रहेगा
हम जो धरातल के लोग हैं उन किसानों ,चरवाहों से लगातार वन उपज के दोहन ,सुरक्षा पर चर्चा करते हैं उनके बन परिसर में बिताये अनुभव का लाभ लेते हैं और वन्यजीव वनस्पतियों की जानकारी हेतु एक मार्गदर्शक के रूप में आंशिक पारिश्रमिक देकर भृमनशील जगहों पर लेके जाते हैं तब इन सयानो से हम कुछ सिख पाते हैं
पुनः टीम के साथ हिमालय के ग्रामीणों से विलुप्त हो रहे वन ,वनस्पतियों,वन्यजीव, पशु,पक्षियो को बचाया जाय
अगर अपना स्वार्थ है तो पशु, पक्षी मधुमक्खी भी हमे इन्हें बचाने, इनकी बीज उतपत्ति में योगदान देते हैं
कुछ पेड़ आर्थिक लाभ सजावट के लिये लगाएं
कुछ पेड़ जंगली जानवरों के भोजन निवाला हेतु लगाएं
कुछ पेड़ पक्षियो के खाने बसासत घोषलो हेतु लगाएं
हिमालय को हरा भरा करने में अपना योगदान दे
सलाह मार्गदर्शन हेतु सम्पर्क करें
टीम
जौहारी फ़सक मुंस्यारी हाउस
पिघलता हिमालय
95577771959761665084
9557777264/8394811110

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