लोकसभा चुनाव 2019

कार्यालय प्रतिनिधि
लोकसभा चुनाव के लिये कुर्सी दौड़ शुरु हो चुकी है। पूरे देश में पिछली बार प्रचंड बहुमत पाने वाली भाजपा और मुख्य विपक्ष कांग्रेस सहित अन्य दलों का शोर इन दिनों सरदर्द बनकर सुनाई दे रहा है। देश के हालातों पर दुहाई देने के अलावा एक-दूसरे पर कीचड़ उछालने वाले सभी दलों की पोल खुल चुकी है। क्योंकि इन्होंने अपने शोर को तेज और तीखा करने के लिये कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रखी है। कांग्रेस के चैकीदार चोर है’ के जबाव में भाजपाईयों ने ‘मैं भी चैकीदार’ का कैम्पन शुरु किया है। साीशल मीडिया पर खामखां की बहस हो रही है। सभाओं, रैलियों, जन सम्पर्कों का दौर चल रहा है। मतदाताओं को रिझाने के लिये युवाओं को सपने दिखाये जा रहे हैं। सबका ध्यान युवा मतदाताओं पर है, जिसकी लहर चुनाव में परिणाम दिलाने वाली होगी। अपनी रणनीति में भी पार्टियों ने युवाओं को टिकट और युवाओं की सभा को प्रमुखता से रखा है। इसे देश की राजनीति में नया दौर कहा जा सकता है। भाजपा में ही लालकृष्ण आडवाणी समेत 23 सांसदों के टिकट इस बार कट गये। दांव-पेंच के लिये दूसरी पार्टियों ने भी अपनी रणनीति को बदला है। कई बुजुर्ग नेता स्वयं को दौड़भाग से दूर रखना बेहतर मान रहे हैं। पश्चिम बंगाल, असम, पंजाब, कर्नाटक, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश सहित सभी राज्यांे में पार्टियों की जोड़-तोड़ सर्कस की जैसी लग रही है। कितनी जल्द नेता-अभिनेता रंग बदलते हैं, यह इस बार खूब दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश की सीटों पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। यहाँ भाजपा, कांग्रेस, सपा, बसपा सभी अपनी-अपनी ताकत दिखा रहे हैं। वाराणसी, लखनउ, रामपुर और अमेठी जैसी सीटों पर यहाँ हर पल की तैयारी के लिये चैकन्नापन है। ऐसे में उत्तराखण्ड की पांच लोकसभा सीटों पर भी रोचक मुकाबला होने जा रहा है। यहाँ नैनीताल- उधमसिंह नगर सीट, अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ सीट, टिहरी सीट, पौड़ी लोकसभा सीट, हरिद्वार सीट पर इस बार पार्टियां बहुत सतर्क होकर उम्मीदवार उतार रही हैं। उतारे गये प्रत्याशियों पर जनता कितना भरोसा करेगी, यह सन्देह है। इसलिये स्टार प्रचारकों सहित पूरा दल-बल जुटा हुआ है।
चुनाव के लिये कांग्रेस की ओर से महासचिव प्रियंका गांधी सबसे लोकप्रिय स्टार प्रचारक के रूप में दिखाई दे रही हैं जबकि भाजपा में नरेन्द्र मोदी नाम ही काफी है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका ने अपनी सभाओं में कार्यकर्ताओं का आह्वान किया है कि वह अपने वोट का सही इस्तेमाल करें। वह कहती हैं कि चुनाव में सच की जीत होगी। असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की लगातार कोशिश की जाएगी लेकिन वे रोजगार, किसानों और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दों को लेकर सवाल पूछते रहें। आने वाले दिनों में सही निर्णय लीजिए। यह देश आपका बनाया है। यह चुनाव आजादी की लड़ाई से कम नहीं है। हम मिलकर काम करें और एकजुट होकर आगे बढ़ें।
भाजपा की ओर से नरेन्द्र मोदी यह समझा रहे हैं कि भाजपा ही राष्ट्र को सही दिशा दे सकती है। इसके लिये वह अपने कार्यों को उपलब्धि भरा बता रहे हैं। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनका निशाना रहा है, आतंक के समूल नाश के लिये उनका प्रण है। कांग्रेस वंशवादी पर चलती रही है जिसने लोकतन्त्र में दूसरों को मौका नहीं दिया। मोदी कहते हैं उन्होंने घोटालेबाजों में खलबली मची है। वह किसी को नहीं छोड़ेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुुल गांध्ी ने देहरादून में विशाल रैली को
सम्बोधित करते हुए कार्यकर्ताओं में जोश भरा है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल ने प्रधनमंत्री नरेन्द्र मोदी पर जमकर बरसे और कहा मैं मोदी की गलतियों को सुधरुंगा। इस रैली में भाजपा नेता पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खण्डूरी के पुत्रा मनीष खण्डूरी ने कांग्रेस का हाथ थामा।
इन दोनों पार्टियों के स्टार प्रियंका और मोदी के अलावा अन्य बड़े व छोटे नेताओं कागरजना- बरसना जारी है। कई नेताओं ने अपनी पार्टी बदली है और कुछ ने पार्टी का झण्डा उठाया है। यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांध्ी का कहना है कि प्रधनमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद को पीड़ित की तरह पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी की गलत नीतियों की वजह से देशवासी पीड़ित हैं। प्रधनमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय हितों से जुड़े मुद्दों का राजनीतिकरण किया। साथ ही अपनी नाकामयाबियों को छिपाने के लिए राष्ट्रीय हितों के मुद्दों से खिलवाड़ हुआ। इस चुनाव में बदलाव का जनादेश होना है।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भाजपा पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि अंग्रेजों का साथ देने वाले हमें राष्ट्रवाद न समझाएं। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अनुग्रह नारायण कहते हैं कि मोदी सरकार ने युवाओं, व्यापारियों व जनता के साथ छल किया है। इसका परिणाम भाजपा को चुनाव में भुगतना होगा और कांग्रेस पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी। मुख्यमंत्री व भाजपा नेता त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा है कि विपक्ष बौखला गया है और कुप्रचार में जोर दे रहा है। इसका जबाब जनता देगी।
टिकट बंटवारे के साथ ही वोटरों की परिक्रमा का नजारा इन दिनों दिखाई दे रहा है। नैनीताल लोकसभा सीट पर बसपा से नवनीत अग्रवाल, राजेश दुबे ने नामांकन करवाया। प्रगतिशील लोक मंच ने प्रेम प्रसाद को उतारा है। सबकी आँखों में घूम रही इस सीट पर उक्रांद के काशीसिंह ऐरी लोकप्रिय नेता के रूप में दिखाई दे रहे थे लेकिन सत्ता की भूख और दौड़ी में जब सारे हथकण्डे अपनाये जा रहे हैं, यूकेडी संगठन कितना कुछ दम दिखा सकता है, यह सवाल उठने लगा। काफी मंथन के बाद यूकेडी ने अपनी रणनीति बदली। इस सीट पर भाजपा की ओर से विधयक पुष्कर सिंह धामी और संघ से जुड़े राजू भण्डारी के नामों को लेकर चर्चाएं चलती रहीं लेकिन पार्टी ने अन्त में प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट को उतारा है। उनका मुकाबला कांग्रेस के दिग्गज हरीश रावत के साथ होना है। दोनों ही पार्टियांे ने बहुत चतुराई के साथ उम्मीदवारों को उतारा है। किसमें कितना दम है यह मतदान के बाद पता चल जायेगा। यहाँ बसपा प्रत्याशी सुन्दर धैनी व निर्दलीय सज्जन लाल ने नामांकन करवाया है। टिहरी लोकसभा सीट पर माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने कामरेड राजेन्द्र पुरोहित को अपना उम्मीदवार बनाया है। भाजपा ने सांसद राजलक्ष्मी शाह को ही आजमाते हुए अपनी रणनीति बनाई है जबकि कांग्रेस की ओर से प्रदेश अध्यक्ष प्रतीम सिंह के उपर सारा दारोमदार है। राजनीति के खेल में उलझे रि.कर्नल अजय कोठियाल की आवाज का भी प्रभाव दिखाई देगा। कांग्रेस और भाजपा दोनों की पसंद कर्नल रहे हैं।
अल्मोड़ा- पिथौरागढ़ से नये नामों पर सोचना कठिन था, सो कांग्रेस ने राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा को टिकट देकर सिद्ध कर दिया कि उनके पास दूसरा विकल्प नहीं था। भाजपा की ओर से केन्द्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा और प्रदेश की बालविकास मंत्री रेखा आर्या के बीच टिकट की तनातनी के बाद अजय टम्टा को टिकट दिया गया। उत्तराखण्ड परिवर्तन पार्टी ने चुनाव में आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने, चुनाव का सम्पूर्ण खर्चा निर्वाचन आयोग द्वारा वहन करने, चुनाव प्रक्रिया में व्यापक सुधर का मुद्दा उठाते हुए एडवोकेट विमला को अपना उम्मीदवार बनाया है।
पौड़ी लोकसभा सीट पर भी रोचक मुकाबला होने जा रहा है। कांग्रेस ने पूर्व मुख्य मंत्री, सांसद और भाजपा के ईमानदार नेताओं में गिने जाने वाले भुवन चन्द्र खण्डूरी के पुत्र मनीष खण्डूरी को मैदान में उतारा है। मनीष ने इस चुनाव के लिये कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर भाजपा मंे खलबली मचा रखी है। बीसी खण्डूरी की छवि का लाभ उन्हें तय है। भाजपा ने अपनी रणनीति बदलते हुए यहाँ तीरथ सिंह रावत को मैदान में उतारा है। श्री रावत ही भाजपा के पास ऐसा विकल्प बचा था जो जनरल खण्डूरी की छवि और उनके पुत्र मनीष के कांग्रेस में जाने के बाद चुनाव मैदान में टक्कर दे सके। स्थानीय मुद्दों को उठाते हुए उक्रांद ने शान्तिप्रसाद भट्ट को मैदान में उतारा है। हरिद्वार लोकसभा सीट पर भाजपा और कांग्रेस में टिकट की खींचतान के बाद भाजपा की ओर से रमेश पोखरियाल का नाम घोषित किया जो पहले से ही तय माना जा रहा था। शुरु से ही लगातार सक्रिय चतुर निशंक को चुनौती देना कांग्रेस व अन्य के लिये भारी है। देखते हैं कुर्सी दौड़……







